संसार का वजूद।

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 देश की सभी नारी शक्ति को वर्ल्ड ऑफ विनर वेबसाइट की ओर से महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 



1. पुरुष और नारी का तालमेल होना क्यों है जरूरी ?


संसार को जिसने बनाया उस आदिशक्ति ने ही प्रत्येक नारी में अपने अंश और शक्ति प्रदान कर इस धरा पर भेजा। संसार के प्रत्येक नारी में आदिशक्ति का अंश विद्यमान हैं। इसलिए संसार के प्रत्येक नारी का सम्मान करना आप सभी पुरुषो का फर्ज और दायित्व हैं। नारी के बगैर पुरुष का जीवन अधूरा माना गया हैं। इसलिए पुरुष और नारी का आपसी तालमेल का होना अति आवश्यक होता हैं।दोनों ही एक दूसरे के पूरक माने जाते हैं। पुरुष की तुलना में नारी का जीवन बहुत ही चुनौतियों से कठिनाईयों से भरा होता हैं। नारी एक माँ का फ़र्ज़ और कर्तव्य निभाती हैं अनेको कष्ट और पीड़ा सहन करती हैं अपने संतान को जन्म देती हैं और उसका पालन पोषण करती हैं। नारी का एक रूप किसी की अर्धांगनी बनना अर्थात अपने पति का सौभाग्य,यश,कीर्ति और सुख सबकुछ नारी ही होती हैं। 


2. संसार का वजूद क्यों कहलाती है नारी ?


नारी अपने पत्नी होने का फर्ज बहुत जिम्मेदारियों के साथ निभाती हैं अपने पति के सुख-दुःख में उसकी परछाई बन कर उसका साथ निभाती हैं। नारी एक बेटी होने के फर्ज को भी पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा कर अपने माता-पिता और परिवार के सम्मान और कीर्ति को भी बढ़ाती हैं। नारी वो हैं जो अपने ख्वाबो को अपने पति और परिवार की खुशियों के खातिर अपने दिल में ही दबाए रखती हैं।नारी त्याग और तपस्या की मूर्ति होती हैं। नारी होना कोई साधारण सी बात नहीं। इसलिए  हर नारी को बराबर का सम्मान मिलना चाहिए। कुछ जगहों पर नारियो का अपमान और शोषण होता हैं कहीं पर दहेज़ के लिए उन्हें कोषणा, उनकी हत्या कर देना ये जघन पाप और अधर्म से कोई भी बच नहीं सकता क्योकि जिस महाशक्ति ने नारी जाति कि नींव रखी हैं जिन्होंने नारियो को इस संसार में भेजा हैं 


यदि उनकी बेटियों पर नारियो पर अत्याचार होगा तो उसका भयंकर परिणाम भी संसार के अधर्मियों और पापियों को भुगतना पड़ेगा। इसलिए नारियो को प्यार सम्मान दे। प्रत्येक नारी को सम्मान भरी नजरो से देखे इसी में संसार की भलाई हैं।  



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