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जब बच्चे अपने सही मार्ग से भटक जाते है तो माता पिता अपने भटके हुए बच्चों को पुनः सही राह पर लाने का प्रयास करते है क्योकि कोई भी माता पिता कभी नहीं चाहते उनकी संतान सही राह से भटक जाए यदि संतान बार-बार सही राह से भटकती है तो इसका मतलब यही हुआ कि उसने गलत मार्ग को ही अपना सफर चुन लिया है, क्योकि बारंबार समझाने पर भी यदि कोई जानबूझ कर आग से खेलने का प्रयास करता है तो एक दिन उस आग में वो स्वयं जल कर भस्म हो जाता है।
1. क्या वाकई कलयुग में पाप की सजा नहीं मिलती ?
कुछ मनुष्य कहते है ये कलयुग है, जो जितना पाप करता है वो उतना ही सुखी संपन्न रहता है, जो सही राह पर चलता है और पुण्य कर्म करता है वो सदैव दुखो से घिरा रहता है। अब ऐसी अज्ञानता भरी बातों के लिए मैं ज्यादा कहना नहीं चाहती मगर एक सच मैं आज आप सभी मनुष्यों को बताना अवश्य चाहूंगी कुछ बातें और कुछ कर्म तुरंत अपना असर नहीं दिखाते मगर जिस दिन आपके कर्मो का असर सामने आता है उस दिन आप स्वयं में एक बदलाव को महसूस करने लगते है, यदि आपने बुरे कर्म किए है तो उसका परिणाम बुरा ही होगा, यदि आपने पुण्य कर्म किए है तो उसका परिणाम सुखदायक होगा मगर होगा जरूर।
कैसे मान लिया आपने कि कलयुग बस अधर्म और बुराई पर टिका है ? कैसे मान लिया आपने कि अच्छे लोग इस कलयुग में हमेशा दुखी रहते है ? कैसे मान लिया आपने कि कलयुग में कोई देवी देवता नहीं होते ? कैसे मान लिया आपने कि कलयुग में दैवीय शक्ति कमजोर हो गई है और आसुरी शक्ति ज्यादा शक्तिशाली हो गई है ? मैं जानती हूँ ये सारे सवाल तो बहुत कम है आप सब ना जाने कितने इल्जाम भगवान पर प्रतिदिन लगाते हो, जिसका वर्णन मैं अभी यहां नहीं करुँगी क्योकि सही समय आने पर आपके हर सवाल का जवाब आपके प्रत्यक्ष होगा।
2. कैसे मिलते है ईश्वर के होने का प्रमाण ?
आपको इस धरा पर ईश्वर के होने का प्रमाण चाहिए, मगर इस प्रमाण को जानने के लिए आपने किया क्या है ? क्या आपने खुद को इसके लिए तैयार किया है ? क्या आपने खुद में बदलाव लाने का प्रयास किया है ? जिस दिन आप अपनी सोच को बेहतर बना लोगे, जिस दिन आप अपने अंदर के शैतान से जीत जाओगे उस दिन आपको ईश्वर अपनी मौजूदगी का प्रमाण अवश्य दे देंगे मगर मुझे ऐसा लगता है कि ऐसा होना संभव नहीं क्योकि मनुष्य इस कलयुग में यदि अच्छी आदतों को अपना ले तो उसे ईश्वर अपने भीतर ही महसूस होंगे क्योकि तुम सभी मनुष्य उसी परमात्मा की संतान हो मगर तुम उस परमपिता परमात्मा के दिखाए राह से भटक गए हो और कुमार्ग पर चलने लगे हो बस अपने स्वार्थ, लोभ, मोहमाया, ऐशो आराम के लिए।
एक सच है इस कलयुग का जिसे मैं अभी प्रत्यक्ष नहीं करुँगी क्योकि अभी आपके पास जितने समय शेष बचे है आप उसे व्यर्थ में गवाने की भूल ना करें क्योकि आपका बस अपने कर्मो पर ही अधिकार है कर्मो के फल पर नहीं जिस दिन आप इस नक़ाब भरी दुनिया में बेनकाब होंगे उस दिन आपके कर्मफल आपके समक्ष प्रस्तुत होगा क्योकि उस दिन संसार का सामना उस महाशक्ति से होगा जिसकी शक्ति पर ये धरा टिकी है।


ReplyDeleteVery good guidance through your article, I have full faith in divine power, one day everything will be fine.👍
Thank you
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