जज्बे की ताकत।

World Of Winner
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 जो हिम्मत नहीं हारते, दुनिया से हट कर,वो खुद की एक अलग पहचान बनाते है, क्योकि शोर कामयाबी मचाती है, एक कुशल वीर योद्धा जंग के मैदान में उतरने से पहले कभी अपने युद्ध कौशल और जीत का गुणगान नहीं किया करते। 




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1. क्या केवल शक्ति से आप युद्ध जीत सकते है ?


बिना जंग के मैदान में उतरे यदि पहले ही तुम अपनी हार और जीत का फैसला करते हो तो यकीनन तुम्हे युद्ध कौशल का कोई ज्ञान नहीं, और जहां ज्ञान नहीं वहां किसी की जीत की कोई गुंजाइश नहीं। 


स्वयं को महान समझने से कोई महान होने का दर्जा नहीं पाता, जब तक उसके कर्म और उसका व्यवहार उसके महान होने का दर्जा नहीं देता तब तक कोई भी व्यक्ति महान नहीं कहला सकता। एक ऊंचे बड़े पद को यदि कोई प्राप्त कर भी लेता है तो भी वो महान नहीं कहला सकता, क्योकि तुमने एकमात्र ऊंचा बड़ा पद हासिल किया है, अभी अपने कर्मो का उचित पालन करना बाकि है,यदि तुम अपने कर्तव्यों का उचित पालन करते हो तो यकीनन तुम महान कहलाने का दर्जा स्वतः ही प्राप्त कर लोगे। 


2. क्या आप सबको पता है इस संसार को सबसे अधिक क्षति कैसे पहुंच रही ?


इस संसार को बर्बाद करने वाला सबसे पहला दोषी है जातिवाद। क्योकि ये जातिवाद ही समस्त विश्व में एक विवाद और अवसाद की वजह है। दुनिया में ना जाने कितने लोग अपनी जान गवा बैठे इस जातिवाद के कारण, कई घर तबाह हो गए इस जातिवाद के कारण, फिर भी लोग इस भेदभाव से दूर नहीं हुए। 


समस्त संसार वासियों सदैव स्मरण रखना उच्च,नीच, छोटा, बड़ा,गरीब, अमीर कोई नहीं होता, सब एक समान माने जाते है, क्योकि तुम भी इंसान हो और वो भी इंसान है  जिसे तुम खुद से छोटा समझ रहे हो। कर्म और सोच जिसकी नेक होती है वही बड़ा कहलाता है, चाहे कोई किसी भी जाति या मजहब का हो। 


अब भी समय है सत्य को पहचानो, वरना कल तुम अपनी पहचान भी खो सकते हो, क्योकि तुम्हारी असली पहचान तुम्हारे नाम,जाति और धर्म से नहीं बल्कि तुम्हारे गुणों  से,तुम्हारे कर्मो से होती है। 


देश के कुछ युवा यही सोचते है कि काश ये जाति और धर्म का कोई भेदभाव नहीं होता तो आज हमारा देश सुरक्षित होता और हम सदैव प्रसन्नचित्त रहते। 


क्योकि कुछ घरों में लोग ऐसा भी सलाह अपने बच्चों को दिया करते है कि तुम ऊंची जाति और धर्म से हो किसी दूसरे जाति और धर्म के लोगो से तुम्हे दोस्ती नहीं बढ़ानी चाहिए, ऐसे घरों को यही कहना चाहूंगी भले ही किसी अनजान और गैर से आप अपने बच्चों को दोस्ती या संपर्क बनाने से रोके तो आप गलत नहीं कहलाएंगे मगर आप अपने बच्चों को यदि बचपन से ही भेदभाव के अनुचित पाठ पढ़ाएंगे तो एक दिन आपके बच्चे आपको ही सम्मान देना भूल जाएंगे और गलत सलाह का वो अनुसरण करना शुरू कर देंगे, इसलिए यदि ज्ञान देना है तो आगे के भविष्य को देख कर ही देना आरंभ करे अन्यथा अपना ज्ञान अपने तक ही सिमित रखे। 


3. क्या जातिवाद आपकी सबसे बड़ी समस्या बन चुका है ?


जहां तक मेरा दृष्टिकोण है, वो यही है कि आज देश में कई युवा इस जातिवाद के ही कारण बेरोजगारी की समस्या से गुजर रहे है, कुछ युवाओं के असफलता का कारण भी ये भेदभाव ही है, जो उन्हें आगे नहीं बढ़ने देता। कभी प्यार के रिश्ते में भी बन कर दीवार ये जातिवाद खड़ा रहता। यदि आज भेदभाव ना होता तो हमारा देश एक विकसित देश होता।  


जो युवा इस जातिवाद के तनाव से घिरे है,उन्हें मैं बस यही कहना चाहूंगी आज ही अपने दिल और दिमाग से इस बेबुनियाद बातों और ख्यालो को निकाल दो, स्वयं के हुनर पर यकीन कर अपने जीवन में आगे बढ़ो, क्योकि यदि तुम्हे बड़ा नाम, बड़ी पहचान और ख्याति हासिल करनी है तो इसकी पहल तुम्हे ही करनी होगी, क्योकि कामयाबी और मेहनत उच्च नीच,छोटा बड़ा, अमीर गरीब नहीं देखती, कामयाबी और मेहनत तो बस तुम्हारे हुनर  हौसले को देखती है। 


जिंदगी में यदि जिसने हारना नहीं सीखा,उसने कभी जिंदगी में असफलता का मुख नहीं देखा,क्योकि हार और जीत तो तुम्हारी सोच पर निर्भर करता है और जिसकी सोच बड़ी होती है वही बड़ी पहचान हासिल करता है। 




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